'कविता सिर्फ़ कविता होती है'
कोलकाता के दैनिक समाचार पत्र प्रभात वार्ता ने अपने साहित्यिक पृष्ठ 'रविवार्ता' के द्वारा प्रसिद्ध कवित्री अनामिका की 'ब्रैस्ट कैंसर' और चर्चित कवि पवन करण की 'स्तन' नामक (तथाकथित) विवादित कविताओं पर एक गंभीर विमर्श की सुरुआत दिनाँक-19-08-2012 के अंक से की। प्रत्येक रविवार डा. दीप्ति गुप्ता(19-08-12), वरिष्ठ लेखिका अर्चना वर्मा(26-08-12), शालिनी माथुर(02-09-12) एवं विपिन चौधरी(09-06-12), जितेन्द्र धीर, अरुण शाद्वल के विचार प्रवाह से गुजरती हुई, बहस रविवार 16 सितम्बर 12 को मेरी काव्य समीक्षा टिप्पणी-आलेख तक पहुँचकर समाप्त घोषित हुई।संदर्भित विषय पर मेरे विमर्श आलेख की प्रकाशित प्रस्तुति अवलोकन हेतु निवेदित है----
अनामिका और पवन करण की (तथाकथित) विवादित कविताएं, जिनपर देशव्यापी विमर्श आह्वानित हुआ, भी आपके समक्ष निम्नांकित- अवलोकनार्थ प्रस्तुत हैं ----
आपके बौद्धिक काव्य-चिंतनपूर्ण समीक्षा का मुझे बेसब्री से इन्तजार रहेगा।------- आपका ~ रवि प्रताप सिंह।


कविता प्रेमी व कवित्वमर्मग्य प्रस्तुत विमर्श में वैचारिक सहभागिता हेतु सादर आमंत्रित हैं। (रवि प्रताप सिंह)
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