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Saturday, 22 September 2012


'दिनकर' को नमन
'प्रभात वार्ता' के कार्यकारी संपादक श्री राज मिठौलिया की उत्कृष्ट हिन्दी ग़ज़ल के साथ प्रकाशित, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' को नमन के श्रृद्धासुमन अर्पित करती मेरी स्वरचित कविता- "इष्ट हमें फिर दिनकर दे दो"----
          (रवि प्रताप सिंह)


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